उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले हुए विरोध को ध्यान में रखते हुए अब उपस्थिति दर्ज कराने के लिए शिक्षकों को एक घंटे की अतिरिक्त समय-सीमा देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही जिन विद्यालयों में नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई आएगी, वहां शिक्षक विद्यालय समय के भीतर ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। नेटवर्क उपलब्ध होने पर यह उपस्थिति बाद में ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली से स्वतः सिंक हो जाएगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने स्कूल शिक्षा निदेशक को औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
स्कूल शिक्षा निदेशक जल्द ही शासनादेश के परिप्रेक्ष्य में आदेश लागू किए जाने की तिथि की घोषणा करेंगी। ऑनलाइन उपस्थिति के लिए बीते अक्तूबर में एक 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसमें सरकारी अधिकारियों के अलावा शिक्षक संगठनों व शिक्षकों को भी सदस्य बनाया गया था। कमेटी ने पिछले दिनों अपनी रिपोर्ट शासन को दे दी, जिसके बाद शासन ने यह आदेश जारी कर दिया। शासनादेश में कहा गया है कि शिक्षकों की उपस्थिति के लिए विद्यालय प्रारम्भ होने से एक घंटे का मार्जिन दिया जाएगा। उक्त अवधि के बाद सिस्टम स्वत: ही लॉक हो जाएगा।
यदि किसी प्रधानाध्यापक द्वारा उपस्थिति दर्ज करने में असमर्थता जताई जाती है, तो उनसे प्रभार लेकर यह दायित्व किसी अन्य अध्यापक को सौंपा जाएगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी अध्यापक की अनुपस्थिति के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना तथा संबंधित अध्यापक का पक्ष सुने बिना किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
साथ ही, स्कूल शिक्षा महानिदेशक की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति से संबंधित ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली को बेसिक शिक्षा विभाग में लागू करने हेतु आवश्यक डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास करेगी।
उक्त समिति द्वारा दी गयी संस्तुति के आधार पर प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के संबंध में निम्नवत निर्णय लिये गयेः-
1. शिक्षकों को उपस्थिति हेतु विद्यालय प्रारम्भ होने से 01 घंटे का मार्जिन दिया जायेगा। उक्त अवधि के बाद सिस्टम लॉक हो जायेगा।
2. जिन विद्यालयों में नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण उपस्थिति दर्ज करने में समस्या आ रही हो वहां ऑफलाइन मोड में उपस्थिति दर्ज की जायेगी जो नेटवर्क आने पर ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली में सिंक हो जायेगी।
3. विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा उक्त उपस्थिति प्रणाली में उपस्थिति दर्ज की जायेगी।
4. यदि किसी प्रधानाध्यापक द्वारा उपस्थिति दर्ज करने में असमर्थता व्यक्त की जाती है तो उनसे चार्ज ले कर अन्य अध्यापक को यह जिम्मेदारी दी जायेगी।
5. किसी भी अध्यापक के विरुद्ध अनुपस्थिति के संबंध में बिना कारण बताओ नोटिस जारी किये तथा अध्यापक का पक्ष जाने किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी।
6. महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उ०प्र० की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जायेगा, जो माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शिक्षकों के उपस्थिति से संबंधित ऑनलाइन डिजिटल प्रणाली बेसिक शिक्षा विभाग में लागू किये जाने हेतु आवश्यक डिजिटल प्लेटफार्म तैयार करेगी।
6-इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया उपर्युक्त प्रस्तर-5 में लिये गये निर्णयानुसार अग्रेतर आवश्यक कार्रवाई अविलम्ब सुनिश्चित कराते हुए कृत कार्यवाही से शासन को अवगत कराने का कष्ट करें।
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